गाइड
गुरुग्राम में पानी की टंकी कितने दिन में साफ़ करनी चाहिए?
सीधा जवाब है हर 6 महीने में: एक बार गर्मी से पहले और एक बार बरसात के बाद। जानिए यह नियम गुरुग्राम के लिए क्यों सही है और कब टंकी को इससे पहले सफ़ाई चाहिए।
- आपकी टंकी में कोई नहीं उतरता
- व्हाट्सऐप पर मुफ़्त कोटेशन
- पहले और बाद की फ़ोटो
- काम के बाद भुगतान
6 महीने वाला नियम गुरुग्राम में क्यों काम करता है
गुरुग्राम के ज़्यादातर घरों में पानी दो जगह जमा होता है: नीचे कंक्रीट का अंडरग्राउंड सम्प, जिसमें सप्लाई या टैंकर का पानी आता है, और छत पर प्लास्टिक की टंकी, जिससे नलों में पानी जाता है। दोनों के तले पर धीरे-धीरे बारीक मिट्टी बैठती जाती है और गाद की एक परत बन जाती है। यह परत मोटी हो जाए तो हर बार टंकी भरते समय ऊपर उठती है, और तब बाल्टी में धुंधला पानी या नल की जाली में रेत दिखने लगती है।
हर 6 महीने में सफ़ाई करवाने से यह परत पतली रहती है। और यह समय यहाँ के उन दो मौसमों से भी मेल खाता है जो टंकी के पानी पर सबसे भारी पड़ते हैं:
- गर्मी से पहले (मार्च से अप्रैल): मई-जून में छत की टंकी पूरा दिन सीधी धूप में रहती है। गर्म पानी और रोशनी में दीवारों पर और ढक्कन के नीचे काई तेज़ी से फैलती है। साफ़ टंकी से सीज़न शुरू करना बहुत फ़र्क डालता है।
- बरसात के बाद (सितंबर से अक्टूबर): बारिश के दिनों में सप्लाई का पानी अक्सर मटमैला आता है, इसलिए सम्प और छत की टंकी दोनों में कीचड़ की परत मोटी हो जाती है।
आसान तरीका याद रखिए: एक बार होली के आसपास और एक बार दिवाली के आसपास टंकी साफ़ करवा लें।
कब 6 महीने से पहले सफ़ाई करवाएं
कुछ घरों में यह अंतर कम रखना चाहिए। अगर नीचे में से कोई बात आप पर लागू होती है, तो हर 3 से 4 महीने में सफ़ाई पर विचार करें:
- आप ज़्यादातर टैंकर के पानी पर निर्भर हैं, जिसकी क्वालिटी हर बार अलग हो सकती है।
- टंकी का ढक्कन टूटा, ढीला या गायब है, जिससे धूल, पत्ते, कीड़े या पक्षी अंदर जा सकते हैं।
- सम्प का ढक्कन ठीक से बंद नहीं होता या उसके पास सीलन दिखती है।
- घर में छोटा बच्चा है या किसी की इम्युनिटी कमज़ोर है और आप ज़्यादा सावधानी रखना चाहते हैं।
- आसपास हाल ही में कंस्ट्रक्शन या रेनोवेशन हुआ है, जिससे हवा में बहुत धूल रहती है।
अगर पानी से बदबू आए, रंग बदले, दीवारों पर चिपचिपी परत दिखे या प्रेशर अचानक कम हो जाए, तो इंतज़ार न करें। इन सब संकेतों के बारे में हमारी गाइड टंकी साफ़ करने के संकेत में विस्तार से बताया है।
सम्प और छत की टंकी एक साथ साफ़ करवाएं
अक्सर लोग सिर्फ़ छत की टंकी साफ़ करवा लेते हैं क्योंकि वहाँ तक पहुँचना आसान है। लेकिन सम्प पहले आता है: उसमें जो गाद पड़ी है, वह अगली बार मोटर चलते ही छत तक पहुँच जाती है। कुछ ही हफ़्तों में छत की टंकी फिर से वैसी ही दिखने लगती है। दोनों को एक ही विज़िट में साफ़ करवाना सबसे आसान और टिकाऊ तरीका है। सम्प की सफ़ाई हम कैसे करते हैं, यह अंडरग्राउंड टंकी सफ़ाई वाले पेज पर पढ़ें।
घर में RO है, तो क्या टंकी साफ़ करना ज़रूरी है?
हाँ, ज़रूरी है। RO या नल का फ़िल्टर सिर्फ़ एक जगह, आमतौर पर किचन में, पानी साफ़ करता है। बाथरूम, शावर और वॉशिंग मशीन सीधे छत की टंकी से पानी लेते हैं। टंकी साफ़ रहे तो RO के प्री-फ़िल्टर और सेडिमेंट कार्ट्रिज भी जल्दी चोक नहीं होते।
सोसाइटी या कई टंकियों के लिए प्लानिंग
अपार्टमेंट सोसाइटी और RWA के लिए 6 महीने का चक्र एक तय शेड्यूल की तरह चलाना सबसे आसान है: एक राउंड बसंत में और एक बरसात के बाद, और निवासियों को पहले से बता दिया जाए कि पानी कब बंद रहेगा। 5 या ज़्यादा टंकियों वाली सोसाइटी को बल्क रेट मिलता है। ज़्यादा जानकारी के लिए सोसाइटी टंकी सफ़ाई का पेज देखें।
एक टंकी में आमतौर पर 60 से 90 मिनट लगते हैं, इसलिए एक सम्प और एक छत की टंकी वाला घर अक्सर एक ही सुबह में निपट जाता है।
याद नहीं कि टंकी आख़िरी बार कब साफ़ हुई थी? तो शायद अब समय हो गया है। मुफ़्त कोटेशन फ़ॉर्म में टंकी का साइज़ भेजें, हम विज़िट से पहले व्हाट्सऐप पर GST सहित फ़िक्स्ड कोटेशन भेज देंगे। भुगतान काम पूरा होने के बाद ही।
सवाल-जवाब
छत की पानी की टंकी कितने दिन में साफ़ करनी चाहिए?
हर 6 महीने में एक बार ठीक रहता है: गर्मी से पहले और बरसात के बाद। काई, बदबू या टूटा ढक्कन दिखे तो पहले करवा लें।
अंडरग्राउंड सम्प कितने दिन में साफ़ करवाना चाहिए?
लगभग हर 6 महीने में, और हो सके तो छत की टंकी के साथ ही, क्योंकि सम्प की गाद मोटर से ऊपर की टंकी में पहुँचती है।
गुरुग्राम में टंकी साफ़ करवाने का सबसे अच्छा महीना कौन सा है?
गर्मी से पहले मार्च-अप्रैल और बरसात के बाद सितंबर-अक्टूबर सबसे सही समय है।
एक मिनट से कम में मुफ़्त कोटेशन पाएं
टंकी का प्रकार, साइज़ और पसंदीदा स्लॉट बताइए। हम व्हाट्सऐप पर तय कोटेशन भेजेंगे। काम पूरा होने तक कोई भुगतान नहीं।